मैं हिंदी हिंदुस्तान की
भाषा हूं मैं पहचान की
विश्व हिंदी दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
मिहू संस्था द्वारा विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी: अतीत,वर्तमान एवं भविष्य विषय पर परिचर्चा एवं कव्योत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम ज़ूम पर ऑनलाइन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीयआयोग के अध्यक्ष डॉक्टर भगवान लाल साहनी,विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पूरन चंद टंडन , डायरेक्टर एहल्कॉन स्कूल डॉ अशोक कुमार पांडेय एवं वरिष्ठ साहित्यकार राज हीरामन उपस्थित रहे। डॉ पूरन चंद टंडन जी ने हिंदी के बढ़ते स्वरूप एवं विश्व स्तर पर हो रहे विस्तार पर चर्चा की और हिंदी के सुखद भविष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिंदी का प्रसार तकनीकी के माध्यम से और विस्तृत हुआ है। (काव्य उत्सव में पाठ करने वाले कविगण केशव मोहन पांडे (संस्थापक समन्वयक सर्व भाषा ट्रस्ट संवाद ),अरुण कुमार त्रिपाठी (जीएसटी में सहायक आयुक्त ),राजीव गोयल (समिति सदस्य) कुलभूषण शर्मा (हिंदी प्रवक्ता) आशुतोष मिश्रा एवं कुमारी है एवं डॉक्टर अनु कुमारी थे।
अनु कुमारी द्वारा गाई गई पंक्तियों में हिंदी हिंदुस्तान की भाषा हूं मैं पहचान की अत्यंत सारगर्भित एवं जोशीली कविता थी। अरुण कुमार त्रिपाठी जी ने राम काव्य की प्रस्तुति की। आशुतोष मिश्रा ने बिहार के सुंदर रूप को हिंदी के माध्यम से प्रस्तुत किया। डॉक्टर कुलभूषण ने हिंदी साहित्य और वर्तमान रूप को काव्य के माध्यम से सामने रखा। मंच संचालन संस्था अध्यक्ष शंभू झा एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील अग्रहरि द्वारा किया गया । धन्यवाद ज्ञापन कमल बिष्ट के द्वारा किया गया इस कार्यक्रम को सैकड़ों लोगों ने फेसबुक के माध्यम से देखा ।
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